गाँव में अधिकतर 85% लोग खेती का काम करते है और उसी से अपना गुअजारा करते है । गाँव मे अधिकतर ग दूध को बाजार में बेचकर घर को चलने का काम भी किहरो मे 2-3 भेंसे पाई जाती है जिंका दूध पास के बाजार मे बेचकर भी गुजारा किया जाता है| कुछ लोग गाँव के गाँव में ही छोटा मोटा काम जैसे मजदूरी, दुकान, ट्रेक्टर चलाना, बीर्यानी बेचना इत्यादी |गाँव में खेती सभी लोगो के पास है | सभी खेती पर ही आश्रित रहते है | गेंहू, ज्वार, बाजरा, सरसों, डेंचा की खेती अधिकतर होती है|
ग्राम पंचायत
रानीका गाँव जिले से करीब 10-11 किमी की दूरी पर बसा हुआ है । दो गाँव की पंचायत रानीका मे लगती है दूसरे गाँव का नाम है बुराका जो रानीका से मात्र 1 किमी की दूरी पर वसा है वर्तमान मे रानीका गाँव से सरपंच है पंचायत मेम्बर को भी पता नहीं की वह किन अधिकारो से पंचायत का संचालन करने मे सहयोग कर सकते है| यहाँ तक की सही तरह से सरपंच या सचिव को भी अपनी जिम्मेदारियों के बारे में पता नहीं है जिससे वह पंचायत का सञ्चालन भी सही से नहीं कर पते है |